Wednesday, October 28, 2009

In one single moment...

In one single moment…

Shoved in fire

thrust out of womb;
A life abruptly ended
another hesitantly begun;

In one single moment

Pushed and pulled;
Burnt and recreated;
Agony and ecstasy;
Lost self and found over;

Died; Born anew;

All in one single moment.

Shubhra © October 28, 2009

Wednesday, July 29, 2009

अब तो बरसो...

कब से भरे हुए थे बादल
आखिर हार कर बरस ही पड़े

मन अब भी समेटे हुए है सब कुछ
बाँध की दीवार हो जैसे बाढ़ को थामे....

न रोक इस बरसात को, ए मन
न डर तू, कि भीग जाएगा

वो सावन ही कैसा
जिसमे तन और मन ना भीगे

शुभ्रा, जुलाइ 28, 2009

Monday, April 13, 2009

Seeking Legitimacy

I am full to the brim
threatening to spill over.
I wish I could find a reason that
appears legitimate to the world.

Shubhra
Redone on April 12, 2009

Saturday, January 03, 2009

तुम्हारे जन्मदिन पर...


तुम्हारे जन्मदिन पर...

क्या दूं तुम्हे...
एक दुआ कि
तुम खुश रहो
आबाद रहो
मुस्कुराते रहो

खुशियों में ऩफा
ग़म में नुकसान हो
सेहत में इज़ाफ़ा
काम और नाम में बरकत हो

उम्र कि
गिनती
सालों से नही लम्हो से हो...

प्यार, शांति, सुकून
आने वाले साल में ये

सब तुम्हारा हो
आने वाला साल

तुम्हारे लिए अच्छा हो
यही मेरा तोहाफा
यही मेरी दुआ...
जन्मदिन मुबारक हो!!!

शुभ्रा
24 December 2008 1230 am